मिसाइल के साथ भारत निर्मित ‘तेजस’ का सफल परीक्षण

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तेजस का सफल परीक्षण:

स्वदेशी निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजन से शुक्रवार को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफलतापूर्ण परीक्षण किया गया.

शुक्रवार  को इस मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर परीक्षण केंद्र से किया गया. यह परीक्षण सभी मानदंडों पर खरा उतरा है.

यह विमान 2200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आसमान का सीना चीरता हुआ आगे बढ़ता है.

हवा में मार करने वाली मिसाइल तेजस ने डर्बी मिसाइल के जरिए लक्ष्य को नष्ट कर अपनी बेयांड विजुअल रेंज (बीवीआर) मिसाइल दागने की क्षमता का प्रदर्शन किया.

इस सफल स्वदेशी परीक्षण से भारत की मिसाइल तकनीक और ताकतवर हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह परीक्षण अपने सभी मानकों में खरा उतरा.

अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने और उसको पूरी तरह तबाह करने के लिए परीक्षण को बड़ी भारत की एक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.

इसका कुल वजन 6540 किलोग्राम है और पूरी तरह हथियारों से लैस होने पर यह करीब 10 हजार किलोग्राम वजनी हो जाता है, जो भारत के अन्य लड़ाकू विमानों से काफी कम वजन का है.

तेजस विमान 50 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता रखता है. एक बार में यह 3000 किलोमीटर की दूरी तय करता है जिसमें हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है.

इस विमान की एक और खासियत है कि अगर पायलट विमान पर काबू ना रख पाए तो इसमें लगे कम्प्यूटर खुद विमान को संभाल लेते हैं. तेजस विमान को बनाने में तीन दशकों यानी करीब 30 साल का समय लगा है.

इस विमान ने अपनी पहली उड़ान 4 जनवरी 2001 को भरी थी और तब से अब तक इसके ढाई हजार से अधिक उड़ान परीक्षण किए जा चुके हैं. इस लड़ाकू विमान को तेजस नाम हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था.

 

 

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